रोमिंग जर्नलिस्ट

सोमवार, 6 मई 2013

कम्प्यूटर क्रांति में सुनिए दलितों का पदचाप

दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। ज्ञान पर किसी जाति,धर्म का अधिकार नहीं होता है बल्कि हर इंसान ज्ञान से सबकुछ हासिल करता है। ज्ञान की इस कसौटी पर समय के साथ आगे बढऩे में अनुसूचित जाति और जनजाति भी किसी से पीछे नहीं है। प्रदेश में तेजी से हो रहे कम्प्यूटर क्रांति में दलितों की पदचाप सुनकर इसको नजदीक से महसूस किया जा सकता है। समय के साथ सूचना व प्रौद्योगिकी की दौड़ में आगे बढ़ रहे हिन्दुस्तान में सालों से उपेक्षित व शोषित दलित और आदिवासी तबके में क्या बदलाव आया है? भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने यह जानने के लिए सभी राज्यों में अनुसूचित जाति और जनजाति के कितने प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप पहुंच गया है, इसकी जानकारी बटोरी। इस गणना के दौरान जो तसवीर उभरी है उसे देखकर आप भी कम्प्यूटर क्रांति में दलितों की सुखद पदचाप सुन सकते हैं। देश में सबसे ज्यादा दलितों की आबादी लगभग चार करोड़ उत्तरप्रदेश में है।
उत्तर प्रदेश में सबसे हाईटेक जिलों में शुमार गौतमबुद्घनगर के दलित घर में कम्प्यूटर या लैपटाप रखकर कम्प्यूटर क्रांति में आगे बढऩे में सबसे आगे हैं। गौतमबुद्घनगर में १३.५० प्रतिशत दलितों के घर लैपटाप या कम्प्यूटर मौजूद है। दूसरे नंबर पर गाजियाबाद है, यहां १३.१० प्रतिशत अनुसूचित जाति के घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप पहुंच गया है। गाजीपुर में ९.८० प्रतिशत अनुसूचित जाति के घरों में माउस क्लिक होने लगा है तो आगरा में ऐसे दलित घरों की संख्या ९.२० प्रतिशत है। अलीगढ़ में ७.६० प्रतिशत, इलाहाबाद में ७.१० प्रतिशत, अंबेडकरनगर में ७.३० प्रतिशत,औरेया में ५.२० प्रतिशत,आजमगढ़ में ६.५० प्रतिशत,बागपत में ८.९० प्रतिशत,बहराइच में ५.८० प्रतिशत,बलिया में ९.४० प्रतिशत,बलरामपुर में ४.७०,बांदा में ५.३० प्रतिशत,बाराबंकी में ४ प्रतिशत,बरेली में ५.९० प्रतिशत, बस्ती में ७.८० प्रतिशत,बिजनौर में ४.५० प्रतिशत, बंदायूं में ५.१० प्रतिशत,बुलन्दशहर में ५.४० प्रतिशत,चंदौली में ६.२० प्रतिशत,चित्रकूट में ४.६० प्रतिशत,देवरिया ७.३० प्रतिशत,एटा में ५.४० प्रतिशत,इटावा में ६.४० प्रतिशत,फैजाबाद में ७.९० प्रतिशत, फर्रूखाबाद में ६.३० प्रतिशत, फतेहपुर में ७ प्रतिशत, फिरोजबाद में ६.६० प्रतिशत,गोंडा में ५.५० प्रतिशत,गोरखपुर में ७.६० प्रतिशत, हमीपुर में ४.८० प्रतिशत,हरदोई में ४ प्रतिशत,जालौन में ६.३० प्रतिशत,जौनपुर में ७.१० प्रतिशत, झांसी में ९.१० प्रतिशत,ज्योतिबाफूलेनगर में ५ प्रतिशत,कन्नौज में ६.७० प्रतिशत,कन्नौज में ६.९० प्रतिशत, कानपुर देहात में ६.७० प्रतिशत, कानपुर नगर में ५.८० प्रतिशत, कांशीरामनगर में ५.८० प्रतिशत,कौशांबी में ५.४० प्रतिशत, लखीमपुर खीरी में ३.५० प्रतिशत, कुशीनगर में ६.२० प्रतिशत,ललितपुर में ४ फीसदी, लखनऊ में ८.४० प्रतिशत,महामायानगर में ६.२० प्रतिशत, महोबाद में ६.७० प्रतिशत, महाराजगंज में ६.१० प्रतिशत, मैनपुरी में ७.१० प्रतिशत, मथुरा में ७.२० प्रतिशत,मऊ में ७.७० प्रतिशत, मेरठ में ८.२० प्रतिशत,मिर्जापुर में ५.४० प्रतिशत,मुरादाबाद में ६.५० प्रतिशत,मुज्जफरनगर में ६.४० प्रतिशत,पीलीभीत में ५.१० प्रतिशत,प्रतापगढ़ में ६ प्रतिशत,रायबरेली में ५.२० प्रतिशत,रामपुर में ६ प्रतिशत, सहारनपुर में ४.१० प्रतिशत,संतकबीरनगर में ७.५० प्रतिशत, संतरविदासनगर में ६.४० प्रतिशत, शाहजहांपुर में ४.८० प्रतिशत,श्रावस्ती में ५.५० प्रतिशत, सिद्घार्थनगर में ६.४० प्रतिशत,सीतापुर में ४.१० प्रतिशत, सोनभद्र में ५.५० प्रतिशत,सुल्तानपुर में ६.४० प्रतिशत,उन्नाव में ४.६० प्रतिशत व वाराणसी में ७.८० प्रतिशत दलितों के घर में कम्प्यूटर या लैपटाप दाखिल हो गया है।

1 टिप्पणी:

रश्मि शर्मा ने कहा…

यह एक अच्‍छी खबर है...

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