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रविवार, 7 अप्रैल 2013

बाइक की रेस में यूपी करोड़पति नंबर वन


स्पीड की सडक़
उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बाइक की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गयी
उत्तराखंड बंटने के बाद यूपी में वाहनों की संख्या में आठ गुना इजाफा
बाइक के बाद वाहनों के मामले कार दूसरे, ट्रैक्टर तीसरे नंबर पर है
दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। जिंदगी एक रेस है। रेस में दौडऩे के लिए हम कार,बाइक,बस,टैक्सी,ट्रक्टर व प्राइवेट कैरियर के वाहन का उपयोग करते है। इस रेस में अगर आपके पास अपना वाहन हो तो जिंदगी स्पीड की सडक़ पर मंजिल की तरफ दौड़ पड़ती है। इस दौड़ में उत्तर प्रदेश अब बाइक के मामले करोड़पति बन गया है। बाइक मालिकों की संख्या जितना यहां दर्ज की गयी उतना किसी भी राज्य में नहीं है। प्रदेश के परिवहन विभाग में सन् ८० से दिसंबर २०१२  तक मोटर साइकिल पंजीकरण कराने वालों की संख्या संख्या एक करोड़ ३७ लाख, ५९ हजार ८६० हो गयी है। उत्तराखंड बनने के बाद अगर यूपी में सन ९१ से बाइक पंजीकरण कराने वालों की संख्या जोड़े तो भी एक करोड़ से ज्यादा है।
यूपी की सडक़ों पर अगर वर्ष २०१२ में बाइक खरीदने वालों की तादाद देंखे तो उनकी संख्या परिवहन विभाग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार बारह लाख से ज्यादा है। वर्ष २०११-१२ में बाइक खरीदने व पंजीकरण कराने वालों की संख्या अभी तक की सबसे ज्यादा दर्ज की गयी है। इस दौरान १३६८५२४ मोटरसाइकिल पंजीकरण हुए है। वर्ष २०१० में १२६९५५०, वर्ष २००९ में ११२०७४८ मोटरसाइकिल परिवहन विभाग में पंजीकरण हुए है। यूपी में बाइक की संख्या सबसे ज्यादा अभी तक दूसरे राज्यों की तुलना में है। उत्तर प्रदेश में बाइक की संख्या अगर एक करोड़ से ज्यादा है।
उत्तर प्रदेश में बाइक  ही नहीं दूसरे वाहनों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। वाहनों की बढ़ती संख्या  परिवहन विभाग के लिए एक चुनौती बन गयी है। प्रदेश के परिवहन आयुक्त की माने तो प्रदेश में आवागमन एवं यातायात व्यवस्था में होने वाली प्रगति का अनुमान पंजीकृत मोटर वाहनों को देखकर लगाया जा सकता है। वर्ष १९९०-१९९१ में वर्तमान उत्तराखंड को लेकर जहां मार्ग पर चलित सभी प्रकार के वाहनों की संख्या १९४१६८७ वहीं ३१ मार्च २०१२  को उत्तराखंड छोडक़र सभी प्रकार के वाहनों की संख्या १५४२१५४७ है। इस प्रकार पिछले १९ साल में वाहनों की संख्या में लगभग आठ गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। वाहनों की संख्या में इतना इजाफा देश के किसी दूसरे राज्य में अभी तक होने का रिकार्ड नहीं है।
उत्तर प्रदेश बाइक के मामले में जहां करोड़पति क्लब का देश में पहला मेंबर है, वहीं कार की संख्या में पिछले साल की तुलना में थोड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। प्रदेश के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार कार की संख्या २०४०४९१ दर्ज है। वर्ष २०११-१२ में जहां प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा १३४५८० कार लोगों ने खरीदकर पंजीकरण कराया वहीं पिछले वर्ष इसकी संख्या में मामूली कमी दर्ज की गयी। वर्ष २०१२ में दिसंबर तक १०७३८९ कार लोगों ने खरीदी। प्रदेश में पिछले चार साल से प्रतिवर्ष एक लाख से ज्यादा लोग कार खरीद रहे हैं। प्रदेश में पजीकृत वाहनों की संख्या में बाइक सबसे ज्यादा है, वहीं दूसरे नंबर कार की संख्या है। कृषि  प्रदेश में बाइक, कार के बाद वाहनों में नंबर आता है ट्रैक्टर का। प्रदेश में पंजीकृत बीस लाख ट्रैक्टर देश में खेती के मामले में यूपी को आगे रखने में अपना योगदान दे रहे हैं। बस की संख्या ५२४१४, मिनी बस २८२०४,ट्रक ४३१३१५, तीन पहिया डिलवरी वाहनों की संख्या ९१९२५, टैम्पो-आटो रिक्शा की संख्या ३११७५९ है।

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