रोमिंग जर्नलिस्ट

शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

माँ इंडिया चली जाओ,मुझे मरने को छोड़ दो



दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। माँ मुझे मेरे हाल पर छोड़ दो और इंडिया चली जाओ ताकि मैं आसानी से मर सकूं। ये लोग मुझे ब्लैक मेल कर रहे हैं की अगर मै खाना नहीं खाऊंगी तो मेरे पूरे परिवार को खत्म कर देंगे मुझे बन्दूक की नोक पर दिन में एक बार खाना खिलाया जाता है। मियां मिठ्ïठू (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद)ने कहा कि जब घोटकी कोर्ट में मेरे रिश्तेदार मुझे नहीं बचा सके तो सुप्रीम कोर्ट और पुनर्वास केंद्र मुझे क्या बचा पाएंगे। मैंने कहा न मंै कभी मुस्लिम थी न कभी बनूंगी,ये लोग जबरन मुझे गाय का मांस खाने में देते हैं पर मै फेंक देती हूं। मैं जिंदा रहने भर को शाकाहार लेती हूं, माँ प्लीज मुझे बताओ कि आप कब इंडिया जा रही हो ताकि मैं आसानी से मर सकूं। 
यह दर्दभरा पैगाम है २२ साल की रिंकल का। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुर मथेलो की रिंकल कुमारी का फरवरी में अपहरण करने के बाद उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे मुसलमान बनाया गया फि र 24 फ रवरी को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद मियां मिठ्ïठू के कारिंदे नावीद शाह नामक युवक से उसकी शादी करा दी गई। रिंकल मां-बाप के पास जाना चाहती है, मामला पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में गया लेकिन वहां से भी इंसाफ  नहीं मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने रिंकल को फिलहाल संरक्षण गृह भेज दिया है। संरक्षण गृह के नाम पीपीपी सांसद के घर पहुंच गयी रिंकल ने अपनी मां के मोबाइल पर यह एसएमएस भेजा। रिंकल के इस पैगाम को पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट ने सोशल नेटवर्किंग साइट्ïस पर रोमिंग जर्नलिस्ट के नाम से मौजूद इस खबरनवीस के साथ शेयर किया है। गौरतलब है रिंकल के जबरन धर्म परिवर्तन व कथित निकाह की खबर को दुनियाभर की मीडिया में जगह मिली लेकिन भारत सरकार के लचर रुख के कारण इस लडक़ी को न्याय नहीं मिल सका। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल की मंगला शर्मा ने रिंकल ने जो एसएमएस अपनी मां को संबोधित करके भेजा है, उसको इस खबरनवीस के साथ शेयर करते हुए पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे इंसाफ  के हाल को बताया है। रिंकल ने अपनी मां को जो एसएमएस से संदेश भेजा है उसमें आगे लिखा है माँ मंै मरना चाहती हूँ पर भगवान मुझे इसकी भी इजाजत नहीं दे रहे हैैं, मुझे पता चला है कि मेरे भाई कि शादी हो गई है, मेरी बदकिस्मती देखो कि मै अपने इकलौते भाई कि शादी में सेहरा तक नहीं गा सकी जबकि मैंने कितने सपने सजाए थे पवन  की   शादी को लेकर, माँ कितना प्रयास करने पर भी आप मुझे बचा नहीं पाएं, मै मीडिया के सामने कितना गिड़गिड़ाई कि ये देश कट्टर मुस्लिमों का है हिन्दुओं  को यहाँ न्याय कभी नहीं मिलेगा। माँ मै कल भी आपकी थी और हमेशा आपकी ही रहूंगी, भले ही अपहरणकर्ता मेरे शरीर पर कब्जा कर ले पर मेरी आत्मा 
सदैव मरते दम तक आपकी ही रहेगी। रिंकल के दर्दभरे इस संदेश को पाकिस्तान सरकार द्वारा सुने नहीं जाने के कारण पाकिस्तान हिंदू काउंसिल ने इस खबरनवीस को भेजा ताकि भारत सरकार की आंख खुल सके कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ क्या हो रहा है। उधर रिंकल को अगवा करके जबरन निकाह करने की घटना के बाद उसके मनोहर हिन्दुस्तान आ गए हैं। उनका कहना है कि मुझे कई बार लूटा गया पर मेरे पास और कोई चारा नहीं था। सरकार और पुलिस ने भी साथ नहीं दिया। उनका कहना है पाकिस्तान में हिंदुओं की नाबालिग लड़कियों का अपहरण करके जबरन धर्मांतरण के बाद निकाह किया जाना आम बात हो गई है। 

सोमवार, 10 सितंबर 2012

पाक में हिंदुओं के पासपोर्ट पर अघोषित प्रतिबंध



दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाक की विदेश मंत्री हिना रब्बानी हाथ मिलाते हुए नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर करके दुनिया को दोस्ती में गर्माहट आने का संदेश दिया लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान में हिंदुओं को वीजा तो दूर पासपोर्ट बनने पर तीन महीने से अघोषित प्रतिबंध लगा है। कराची स्थित पासपोर्ट कार्यालय पर जून २०१० से अगस्त २०१० तक १५ हजार हिंदुओं के पासपोर्ट आवेदन पर विचार ही नहीं किया जा रहा है। पाक में हिंदुओं का पासपोर्ट बनने पर लगी अघोषित रोक के पीछे वहां हिंदू लड़कियों के साथ हो रही जोर-जबरदस्ती के बाद हो रहे हिंदुओं का पलायन मुख्य कारण है। पाक सरकार ने हिंदुओं के तेजी से हो रहे भारत पलायन को देखते हुए अन्तरराष्टïीय मंच पर किरकिरी होने से बचने के लिए यह कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर रोमिंग जर्नलिस्ट के नाम से मौजूद श्री टाइम्स के इस खबरनवीस को पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट ने हिंदुओं के पासपोर्ट पर लगे अघोषित प्रतिबंध की जानकारी दी है।
पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे जुल्म के साथ उनकी बेटियों को अगवा करने के बाद जबरन निकाह करने की बढ़ती घटनाओं के बाद सिंध प्रांत से हिंदुओं के पलायन को लेकर पाकिस्तान सरकार ने पासपोर्ट जारी करने पर अघोषित रोक लगा रखी है। एक तरफ पाक में हिंदुओं का पासपोर्ट नहीं बन रहा है दूसरी तरफ पासपोर्ट के बाद भारत आने के लिए वीजा जारी होने के बाद अटारी बार्डर पर तीर्थयात्रियों को जबरन रोककर पूछताछ करने की घटनाएं थम नहीं रही है। पाकिस्तान हिंदू सेवा ट्रस्ट की मंगला शर्मा ने इस खबरनवीस को बताया कि छह माह पहले जो हिंदू पासपोर्ट के लिए आवेदन किए हैं, उनको अभी तक पासपोर्ट नहीं जारी किया। इसके पीछे कारण वह बताती है पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नुमाइंदों द्वारा जिस तरह सलूक किया जा रहा है, उसके कारण हिंदू अपने का पाक में महफूज नहीं समझ रहा है। पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के पास सिंघ प्रांत १४६७० हिंदुओं के नाम पते मौजूद है, जिनका पासपोर्ट कराची स्थित रीजनल पासपोर्ट आफिस में छह माह से लटके हैं। हिंदुओं के पासपोर्ट न बनने के पीछे सिंध व पंजाब प्रांत के हालत के कारण हो रहा हिंदुओं का पलायन है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में घोटकी के रहने वाले विजय तुलस्यानी ऐसे लोगों में शामिल है, जिन्होंने जनवरी में पासपोर्ट आवेदन किया लेकिन अभी तक नहीं मिला। कराची स्थित पासपोर्ट मुख्यालय पर जाने पर जवाब मिलता है अभी हिंदुओं को पासपोर्ट देने में सरकार ने रोक लगा रखी है,जब सरकार का आदेश होगा, तभी पासपोर्ट बनेगा। बताया जा रहा है पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक की ओर से मौखिक आदेश के बाद पाक में हिंदुओं के साथ ऐसा हो रहा है। गौरतलब है पिछले महीने भारत तीर्थ यात्रा पर आने वाले १९१ पाकिस्तानी हिंदुओं को अटारी बार्डर पर रोक लिया गया है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने जब उनसे यह वादा करवा लिया कि वह पाक लौटकर आएंगे तभी भारत जाने दिया गया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने भारतीय उच्चायोग द्वारा बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों को वीजा देने को साजिश करने का बयान पहले ही दे चुके है। पाक में हिंदुओं के दुकानों में लूटपाट, मकानों पर हमले और महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल करवाने की घटनाओं के बाद तमाम हिंदू पाकिस्तान से पलायन कर रहे हैं। हिंदू परिवारों को भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा जारी करने में बरती जा रही नरमी के कारण पाक सरकार ने हिंदुओं को पासपोर्ट जारी करने पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है ताकि न पासपोर्ट न भारतीय उच्चायोग से वीजा के लिए मांग करेंगे। पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट की मंगला शर्मा का कहना है वह इस मामले को अन्तरराष्टï्रीय मानवाधिकार मंच पर ले जाने की तैयारी में जुटी है।

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