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बुधवार, 6 जुलाई 2011

बाबा का साइबर ढाबा

बाबा का साइबर ढाबा
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भले ही अभी जनता से सीधे संपर्क करने में पीछे हों, लेकिन स्वनामधन्य स्वामी और बाबाओं की जमात वेब दुनिया में उनसे काफी आगे है। फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऐसे बाबाओं और उनके समर्थकों की भारी फौज खड़ी है। सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऐसे बाबाओं की बाढ़ अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन के बाद और बढ़ गई है। बाबाओं के साइबर ढाबाओं पर भक्तों की तादाद बढऩे का क्रम जारी है।
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर पर बाबाओं को लोगों का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। कुछ ऐसे बाबा भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर मौजूद हैं जो मोबाइल पर एसएमएस भी नहीं कर सकते लेकिन रोजाना वह लोगों को अपने विचार परोस रहे हैं। कई बाबाओं ने तो इसके लिए हाईटेक मीडिया मैनेजर भी तैनात कर रखा है। फेसबुक को खंगालने पर साढ़े पांच हजार से ज्यादा स्वामी, बाबा, पुजारी, पुरोहित, पुजारिन और साध्वियों के दर्शन होते हैं। यहीं हाल ट्विटर का भी है। साइबर दुनिया में समर्थकों की फौज के मामले में बाबा रामदेव सबसे आगे हैं। फेसबुक पर बाबा रामदेव की चार प्रोफाइल के साथ उनके भारत स्वाभिमान संगठन के पेज को पसंद करने वालों की संख्या साठ हजार से ज्यादा है। भाजपा के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती तथा उनकी शिष्या साध्वी चिद्अर्पिता पांच-पांच हजार दोस्तों के साथ अक्सर वैचारिक बहस का सवाल लेकर लोगों के फेसबुल वॉल पर नजर आते हैं। स्वामी अग्निवेश फेसबुक पर वर्षों से हैं। साइबर दुनिया में उनके चाहने वाले भी हजारों है। गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ लाखों मत हासिलकर संसद में पहुंचते हैं, लेकिन फेसबुक पर उनके दोस्तों की फेहरिश्त बहुत छोटी है। द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मित्र और भक्तों की संख्या दो हजार से ज्यादा है।


फेसबुक पर बाबाओं की लंबी फौज खड़ी है। सबका अपना विचार, अपना सिद्घांत और समर्थकों की फौज है। कुछ साइबर भक्त ऐसे हैं जो सबकी सुनते हैं और अपने हिसाब से कमेंट मारते रहते हैं। सिक्किम की राजधानी गंगटोक में स्वामी स्वदेशानंद उर्फ कनकधारा गुरुजी फेसबुक पर काफी सक्रिय हैं। भक्तों से सीधे चैट करके ज्ञान देने में माहिर स्वामी स्वदेशानंद बाबा रामदेव के अनशन को ढकोसला मानते हैं। बाबा अमरनाथ को लेकर स्वामी अग्निवेश की टिप्पणी से मर्माहत होकर उन्हें झापड़ रसीद करने वाले नित्यानंद दास महंथ फेसबुक पर काफी मशहूर हैं। स्वामी अग्निवेश को झापड़ मारने से पहले वह फेसबुक पर संकेतों में इसकी घोषणा कर चुके थे। इनके दोस्तों की संख्या में बड़ी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। तिरुपति मंदिर की महिला पुरोहित दुर्गावती भी फेसबुक पर उम्र के आखिरी पड़ाव में दिखाई देती हैं। स्वामी प्रज्ञानंद, स्वामी मानवतावादी, स्वामी चैतन्यकीर्ति, स्वामी प्रह्लïादनंदापुरी, आचार्य अशोकानंद के साथ टीवी चैनलों पर रोजाना सबेरे भविष्यवाणी करने वाले एस्ट्रो अंकल से लेकर तीन देवियां तक सोशल नेटवर्किंग साइ्ट्ïस पर मौजूद हैं।
बाबाओं की लंबी फौज के साथ उनके समर्थकों की भी काफी भीड़ है। दार्शनिक दीपक चोपड़ा ट्ïिवटर पर धूम मचा रहे हैं। योगी आनंद अपनी धर्मपत्नी मानसी पांडेय के साथ धर्म का मार्ग लोगों को दिखा रहे हैं। योगी को पत्नी के साथ फोटो देखकर तमाम चाहने वाले कमेंट्ïस में मर्यादा की सीमा लांघने पर भी उतारू हैं। इंदौर की स्वामी अमितानंदा मध्यप्रदेश में उसी तरह मशहूर हैं, जिस तरह यूपी में साध्वी चिदअर्पिता का आकर्षण है।
फेसबुक पर पूजा-पाठ के लिए पुजारियों की बड़ी संख्या भी मौजूद है। अगर आप अपने घर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना चाह रहे हैं या श्रीमद्ïभागवत, आपको पंडित खोजने के लिए फेसबुक पर लॉग-इन करना ही काफी है। फेसबुक  गुरु रविशंकर का जहां ऑनलाइन सत्संग सुनने को मिल रहा है, वहीं दिव्यप्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संजय चतुर्वेदी सुधांशु महाराज की कथा के साथ भावी सत्संग के कार्यक्रमों को लेकर अक्सर नजर आते हैं। फेसबुक पर पुर्तगाल में स्वामी महालयानंदा, मलेशिया में शारदापुरी सहित तमाम देशों में धर्म, योग, ज्ञान की बातें करने वाले साइबर स्वामी धूम मचाए हैं।

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